Avchetan man kya hota hai -अवचेतन मन क्या होता है –

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अवचेतन मन क्या होता है (Avchetan man kya hota hai) , अवचेतन मन किसे कहते है –

 

दोस्तों , अवचेतन मन को जानने से पहले हमें चेतन मन के बारे पता होना चाहिए। विज्ञानं और अध्यात्म में मुख्यता मनुष्य के मन को ३ भागो में विभाजित किया गया है – 1. चेतन मन  2 . अवचेतन मन 3. अचेतन मन

 

चेतन मन किसे कहते है।। 

जब हम अपने जाग्रत अवस्था में होते है और जो भी काम को करते है तो वह चेतन मन के द्वारा ही करते है। चेतन मन को हम active mind भी कहते है चेतन मन भौतिकता और तर्क से जुड़ा हुआ होता है चेतन मन सोच , समझकर और स्तिथि के अनुसार निर्णय लेने में सहायता करता है हम जब भी पहली बार कोई काम करते है या सीखते है तो उस समय हम अपने चेतन मन यानि active mind के अनुसार करते है। चेतन मन की मदद से ही हम अपने सारे घर और बाहर की जिमेदारियो को पूरा कर पाते है।

दिनभर में हमारे ,मन में  हजारो विचार आते रहते है और उस पर control कर पाना मुश्किल होता है लेकिन उन्ही में कुछ चीजों के बारे में हम कई बार सोचते है अच्छा या बुरा ये आप पर है। ये जितने भी विचार हमारे मन में आते है वो सभी सोच और विचार हमारे चेतन मन के अंदर ही आते है। हम अपने आसपास जितनी भी चीजे देखते है सुनते है और महसूस करते है वो सब चेतन मन के द्वारा की संचालित होता है। चेतन मन हमारे जागने के साथ ही जगता है और दिन भर हमारे साथ काम करता है और जो भी क्रिया हम दिन भर करते है वो चेतन मन के अनुसार ही करते है.

चेतन मन कैसे काम करता है-

चेतन मन एक फ़िल्टर की तरह काम करता है। हमारे चेतन मन में जितने भी विचार आते है उन सभी को वो फ़िल्टर करके अपने तर्क और सूझबूझ के अनुसार अच्छे या बुरे विचारो को हमारे अवचेतन में डालता है और फिर उसी के अनुरूप हमारा अवचेतन मन उस विचार पर कार्य करना शुरू कर देता है।

चेतन मन कैसे काम करता है एक example से समझने का प्रयास करते है – जैसे जब हम बाइक चलाना सीखते है तो हम बहुत ध्यान देते है की कब हमें क्या करना है। और गलतिया भी बहुत होती है। क्योकि सीखने के समय हम अपने चेतन मन के साथ सीखते है। और धीरे धीरे यही  कब ब्रेक लेना है , कब गियर लगाना है ये सब हमारे चेतन मन में होता है और ये चेतन मन अपना डाटा धीरे धीरे अवचेतन मन को transfer करने लगता है और हमारा अवचेतन मन इस पर कार्य करना शुरू कर देता है। जब कोई चीज अवचेतन मन में save हो जाती है तो हमारा अवचेतन मन उसी के अनुरूप प्रतिक्रिया देता है। जिससे की फलस्वरूप आप बाइक या कार चलाने में परफेक्ट हो जाते है आपका मन इतना तेजी से काम करता है बिलकुल एक रोबोट की तरह।  जब गियर या ब्रेक लगाना होता है अपने आप आपका पैर एक्टिव होकर उस काम को पूरा कर देता है। चेतन मन जो भी सोच , विचार आप क्या चाहते है, क्या नहीं चाहते है, अपनी समझ और इच्छानुसार अवचेतन मन तक पहुँचाता है।

 

अवचेतन मन क्या हैऔर कैसे काम करता है

हमारा अवचेतन मन , चेतन मन और अचेतन मन के बीच की स्थिति में अपना कार्य करता है। यह न तो पूर्ण चेतन में होता है और न ही अचेतन में। फिर भी इसके अंदर जो भी डाटा चेतन मन के द्वारा डाला जाता है उसके अनुसार ये कार्य करता है और हमारे व्यवहार को प्रभावित करता है। क्योकि जो भी हमारी आदते है वो अवचेतन मन का ही एक हिस्सा है।

जैसे कि अगर आपकी सुबह उठने की आदत है या जब कभी आपको किसी काम से सुबह जल्दी उठना होता है तो आप खुद को चेतन मन के द्वारा सुबह उठने की बात बार बार कहते है जिससे की चेतन मन ये  बात अवचेतन मन के सर्वर में दाल देता है।  और आप सुबह अपने अलार्म बजने के पहले ही जग जाते है।

क्योकि उस समय आपका अवचेतन मन सोता नहीं है वो अपना कार्य कर रहा होता है। और जो उसके लिए उस समय का जरुरी काम होता है उसको पूरा करता है।  इसके बाद ये आप अपर निर्भर करता है कि आप दुबारा से सो जाते है या उठकर अपने सपनो को पाना चाहते है। अवचेतन मन के द्वारा ही अंदर की शरीर के सभी क्रियाओं को पूरा करता है।  जिन चीजों पर आपका कण्ट्रोल नहीं होता हैा आपका अवचेतन मन उन चीजों को भी वो कण्ट्रोल करके आपके अनुसार करने की क्षमता रखता है।

Law of attraction आकर्षण का सिद्धांत का मुख्य कारण भी अवचेतन मन ही है। Law of Attraction in Hindi || आकर्षण का सिद्धांत क्या है 

अवचेतन मन कैसे काम करता है –

कुछ चीजों को पूरा करने में आपका चेतन मन सहायता करता है।  और कुछ चीजों को पूरा करने में आपका अवचेतन मन सहायता करता है।  आपका अवचेतन मन कैसे काम करता है आइये जानते है

सबसे पहले तो हमें ये समझना होगा कि आपका अवचेतन मन कोई जादूगर नहीं है कि अभी अपने बोला की मुझे 1 करोड़ रुपये चाहिए और कल सुबह तक आपका अवचेतन मन उसे पूरा कर देगा। ये तो बस अपने सर्वर में रखे डाटा के अनुसार आपको रिजल्ट देता है। ये positive और negative में फर्क नहीं कर सकता है। आपके अवचेतन मन को ये नहीं पता होता है की आपको क्या चाहिए और क्या नहीं चाहिए। उदहारण के लिए मान लीजिये आप कोई कार खरीदना चाहते है और अभी आपकी हालत कार खरीदने की नहीं है तो आप जितना ज्यादा उस चीज के अपने पास होने के बारे में सोचेंगे, उसकी कल्पना करेंगे। विश्वास करेंगे और अपना attitude वही होगा जो कार के होने के बाद होता। तो आपको पता भी नहीं चलेगा कि कब आपकी परिस्थितियां बदलनी शुरू हो जाएँगी। आपके साथ वैसी चीजे होना start हो जाएँगी जो कि आपके उस सपने को पाने के लिए मददगार होगी। लेकिन उसके लिए आपको विश्वास और धैर्य रखना होगा।

कुछ लोग तो ये भी कहते है कि हम बार बार सोचते तो है कि ये मिल जाये वो मिल जाये पर मिलता कुछ नहीं है उसके उल्टा वो और दूर हो जाता है या बहुत समय बाद मिलता है।  तो उनको मै ये कहना चाहूंगा कि आप अपने सोचने का तरीका बदले। और कर्म तो आपको करना ही होगा बिना कर्म किये कुछ नहीं बदलता है।

मैंने पहले ही बताया है कि हमारा अवचेता मन अच्छे – बुरे , पाने – खोने में फर्क नहीं करता है वो तो बस वही करता है जो आप कहते है – जैसे कि अगर आप ये कहते है कि मै अपनी जिंदगी में किसी भी प्रकार कि परेशानी नहीं चाहता हूँ। तो आप पाएंगे कि आप हमेशा किसी न किसी चीज को लेकर जरूर disturb रहते होंगे। क्योकि आप जाने अनजाने में ज्यादातर समय problem की बात करते है तो आप का चेतन मन वही भावना अवचेतन मन तक भेजता है और वो उस बात को सच करने में लग जाता है जिससे की आप के साथ कुछ न कुछ problem जरूर होती रहे। इसीलिए हमेशा सभी motivation गुरु positive thinking की बात करते है। कि अगर इंसान अपनी सोच सकारात्मक और अच्छी सोच रखता है उस इंसान के जीवन में सब कुछ अच्छा होता जाता है।  क्योकि ऐसी सोच को आपका अवचेतन मन सच मानकर उस पर कार्य करता है और समय के साथ आप पाएंगे कि आप के जीवन वो सब बदलाव धीरे धीरे खुद ब खुद होने लग जायेंगे। जैसा बदलाव और growth अपने जीवन में आप चाहते है। मतलब कि आपका चेतन मन जैसी सोच रखता है।  उसी के अनुरूप आपका अवचेतन मन काम करता है। अगर आप सकारात्मक  सोच रखते है तो आपके जीवन में सकारात्मक घटनाये घटित होती रहेंगी। और अगर आप नकारात्मक सोच रखते है तो आप के जीवन में नकरात्मक स्थितियां बनती जाएँगी और आप हमेशा उसी में परेशान होते रहेंगे। हमें अपनी सोच को बदलने की जरुरत है न की कुछ और।

आप अवचेतन मन की शक्तियों के बारे में ज्यादा जानने के लिए Joseph Murphy की book Power-of-your-Subconscious-Mind पढ़ सकते है। इस book का हिंदी version भी उपलब्ध है। Apke Avchetan Man Ki Shakti

दोस्तों , अवचेतन मन क्या है Avchetan man kya hai , अवचेतन मन कैसे काम करता है  Avchetan man kaise kaam karta hai. आपको अवचेतन मन के बारे में मिली जानकारी कैसी लगी। आप कमेंट करके जरूर बताये।


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