Study Time Table Kaise Banaye – टाइम टेबल बनाने का बेस्ट तरीका

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दरअसल जितने भी collage topper या successful लोग होते है उनका अपना खुद का टाइम टेबल होता है जिसे वो follow करते है वो अपना समय किसको कब देना है खुद तय करते है। जब तक आपको ये नहीं पता होगा कि एक effective study time table kaise banaye तब तक आप उस time table को follow नहीं कर सकते, क्योकि आप अपना पूरा दिन कैसे व्यतीत करते है वो आपको पता होगा न कि कोई दूसरा बता पायेगा कि आपको कब पढ़ना चाहिए, कौन सा subject पढ़ना चाहिए। आपको कब क्या करना है। ये दूसरा कोई बताएगा या आप खुद अपने मालिक बनेंगे।

आजकल के ज्यादातर युवा टाइम -पास करते है। और अभी तो ऐसे न जाने कितने साधन और न जाने कितने मोबाइल apps उपलब्ध भी है टाइम पास करने के लिए। और हम भी पहले टाइम को मारते है फिर बाद में टाइम हमें मारता है। पढ़ाई में मन कैसे लगाए  समझ नहीं आता। और साल भर खुद के बेवकूफ बनाने के लिए हर रोज़ एक नया study time table बनाते है और दीवार पर चिपका कर खुश होते है कि कल से पढ़ेंगे और वो कल exam के एक दिन पहले आता है। क्यों सही बात है न।

 study time table kaise banaye – टाइम टेबल बनाने का बेस्ट तरीका

कुछ student तो बस collage, कोचिंग और ट्यूशन में जो पढ़ लिया वो पढ़ लिया उसके बाद तो वो किताब को खोल के देखते भी नहीं। उन्हें बाकि कामो से ही फुर्सत नहीं मिल पाती तो वो बेचारे पढ़े कब। time table तो भूल ही जाते है। मैंने कई toppers & teachers से मिला कि वे लोग ऐसा क्या चीज करते है कि उनके सभी काम समय पर हो भी जाते है और पढ़ने का भी समय मिल जाता है। उनसभी लोगो में एक बात common थी वो है time management। तो आइये जानते है कि हम अपना study time table kaise banaye और time table बनाने का क्या फायदा है।

दोस्तों क्या आप भी time management नहीं कर पा रहे है। क्या आप भी दुसरो के जैसे time table बनाते तो हो पर उसपे अमल नहीं कर पाते है। तो कोई बात नहीं हम आज आपको कुछ ऐसे तरीके बताएँगे जिससे Follow करके आप अपना time table बना सकते है। और उसे follow करने में भी आपको ज्यादा परेशानी नहीं होगी।

time table का objective क्या है। || Study Time Table के क्या फायदे हैं

time table का objective क्या है – हमें घूमने तो जाना है लेकिन कहा जाना है , क्यों जाना है। जबतक ये नहीं clear होता है। आपका प्लान सही से नहीं बन पायेगा। ठीक इसी प्रकार time table बनाने से पहले अपना objective clear करे। मान लीजिये मई में आपका exam होने वाला है और अभी आपके पास 2 months का टाइम है और आपको 85 % स्कोर करना है तो ये होगा आपका objective की आपको 60 days में आपको ये टारगेट achieve करने में रोज़ कितने घंटे पढ़ने होंगे। उसके अनुसार अगर हम अपना टाइम टेबल बनाते है तो निश्चित ही हमें उस टाइम टेबल को फॉलो करने में आसानी होगी।

अपना daily time routine analysis करिये || Effective Time Table kaise banaye

अपने time table के objective को find out करने के बाद आपको ये करना है की अपना Study time table बनाने से पहले आप 2 – 3 दिन तक अपना डेली रूटीन को track करिये कि आप अपना दिन अभी कैसे व्यतीत करते है। कितने घंटे पढ़ते है, कितनी देर खेलते या दोस्तों के साथ रहते है, घर के क्या काम करते है , सोशल मीडिया आदि। इन सभी की एक लिस्ट बना लीजिय। हम सभी के लिए अपना एक prime time होता है जिस टाइम पर आप ज्यादा Active & Productive होते है।

जैसे मैं सुबह के समय अपने काम पर ज्यादा फोकस कर पाता हूँ। रात में सोने से पहले कोई किताब पढ़ना पसंद करता हूँ। ठीक इसी प्रकार आप कब-कब एक्टिव रहते है। कुछ लोग रात में ज्यादा देर तक जागते है और उस समय वे अच्छे से फोकस कर पाते है। तो आप अपने उस समय को Prime Time समझिये और उसके हिसाब से अपने Study time table को बनाइये। जिससे की आपकी मेहनत और समय सही दिशा में खर्च होंगे।

Don’t over stress Time Table –

जब हमें बात टाइम टेबल बनाकर पढ़ने की आती है। तो हम क्या बड़े बड़े goal को टारगेट करते है। की अब daily 7-8 घंटे पढ़ेंगे। तो भाई अगर आपको दौड़ने का अभ्यास न हो और आपको अचानक से मैराथन में दौड़ने के लिए बोला जाये तो क्या आप दौड़ पाओगे, नहीं न। ठीक उसी प्रकार टाइम टेबल भी है अगर हमें अभी २-३ घंटे पढ़ने की आदत नहीं है तो क्या हम केवल 7-8  घंटे पढ़ पायंगे। आपको बोरियत होने लगेगी। इसी लिए शुरुआत में आपको अपना टाइम टेबल ३-४ घटे पढ़ने के लिए बनाना चाहिए।

याद रखिये हमारा शरीर और दिमाग किसी काम को करने के लिए धीरे धीरे तैयार होता है। फिर जब आप का mind ३-४ घंटे पढ़ने के लिए तैयार हो जाये तो आप उसे टाइम को बाद में अपने अनुसार और भी बढ़ा सकते है। तो अपने लिए उतना ही प्लान करिये पढ़ने का जितने में आपको स्ट्रेस न हो।

प्रायोरिटी तय करिये-

हम सभी के पास २४ घंटे का ही समय होता है। लेकिन फिर भी हम देखते है की कुछ लोग उसी समय में अपनी prioroty खुद तय करके अपने टारगेट , अपने सपनो को अचीव करते है और कुछ लोग बहाने बनाकर खुद को बेवकूफ बनाते है। एक उदाहरण से समझते है – मान लीजिए आप अपनी collage या coaching से दिन में 3 बजे फ्री होते है।

अब आपके पास ३ बजे से रात १२ बजे का टाइम होता है और सुबह आप 5 बजे उठते है और आपकी क्लासेज सुबह १० बजे से शुरू होती है तो आपके पास सुबह ७ बजे से १० बजे तक का टाइम होता है। तो आपके पास कुल १३ घंटे का टाइम होता है अपने सभी काम को करने के लिए।

इसी टाइम में आपको खेलना , घूमना , फ्रेंड्स सब कुछ मैनेज करना होता है। लेकिन जब आप अपनी प्रायोरिटी बना लेते है की किस काम के लिए , किस सब्जेक्ट में हमे कितना टाइम देना है। जैसे जो सब्जेक्ट इम्पोर्टेन्ट है जिनमे ज्यादा एफर्ट की जरुरत है। उसे हमें अपने प्राइम टाइम पर रखना है मतलब उसपर ज्यादा प्रायोरिटी के साथ टाइम देना है।

Make your Time Table  Specific

अपना स्टडी टाइम टेबल से आप अगर फायदा लेना चाहते है तो आपको हर हफ्ते का अपना specific टास्क बनाइये और उसको पूरा करिय। जैसे month के पहले week में आपको कितने chapter पढ़ने और याद करने है। अगर आपको weekend में किसी से मिलना है या कोई और काम भी है तो उसको भी अपने टाइम टेबल में लिखिए। कोई assignment पूरा करना है किसी का birthday है या किसी दिन छुट्टी है तो उसके अनुसार अपने टाइम टेबल को बनाइये। exam में कितने दिन बचे है उसके हिसाब से अपना प्लान बनिए। याद रखिये जितना ज्यादा आपका टाइम टेबल क्लियर होगा उतना ही आपके लिए उसपे एक्शन लेना आसान होगा।

Regular Review karna

आपने जो टाइम टेबल बनाया है उसका रिव्यु करते रहना बहुत ही जरुरी है। क्योकि हम टाइम टेबल तो बनाते है कुछ दिन उसको फॉलो भी करते है लेकिन कुछ टाइम बाद वो एक भूली दास्ताँ बनकर रह जाता है। किसी भी चीज का फायदा हमें तुरंत नहीं होता जब तक हम उसको regularly नहीं करते। और जो चीज हम रेगुलर करते है उसकी हमें धीरे धीरे आदत सी बन जाती है। तो अगर आप भी एक अच्छी आदत बनाना चाहते है तो अपने टाइम टेबल को डेली review करते रहिये।

जैसे कि अपने टाइम टेबल के हिसाब से कितना पढ़ाई किया है। ऐसा कोई subject या chapter तो नहीं रह गया जो छूट रहा हो। या कोई important काम बाकी रह गया है। तो जब review करने बैठो आप उसको भी अपने टाइम टेबल में ऐड कर पाए। ऐसा करने में आपको थोड़े दिन तो मुश्किल होगी लेकिन बाद में ये सब आसान और अच्छा लगने लगेगा। क्योकि आप अपने टाइम को अपने अनुसार use कर रहे है न कि किसी दूसरे के अनुसार।

दोस्तों , आज की जानकारी काफी Important थी। जिसमे स्टूडेंट अपना Study Time Table kaise banaye के बारे में जानकारी दी गयी। अगर आप जीवन में कुछ बड़ा करना चाहते है , सफल होना चाहते है। तो आपको टाइम मैनेजमेंट का नॉलेज बहुत जरुरी है। समय ही एक ऐसी चीज है जो की कभी रुकता नहीं। इसीलिए हमें हमेशा इसका जितना हो सके अपने काम और लक्ष्य को प्राप्त करने में लगाना चाहिए।

उम्मीद है ये लेख आपको पसंद आया होगा। आपको कैसा लगा कमेंट करके जरूर बताये। अगर आप कोई सुझाव देना या सवाल पूछना चाहते है तो कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे।


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